WORKSHEET-09 CLASS-X
त्व एवं टाप्
प्रत्यय
पठनार्थ :- (त्व
प्रत्यय)
1. संज्ञा/विशेषण शब्दों को भाववाचक संज्ञा बनाने के
लिए त्व प्रत्यय का प्रयोग होता है।
2. त्व प्रत्यय लगाने के बाद शब्द को नपुंसकलिंग में
लिखा जाता है,यथा - बन्धु + त्व= बन्धुत्वम् (भाईचारा)
पठनार्थ :- (टाप्
प्रत्यय)
1. पुल्लिंग शब्दों को स्त्रीलिंग बनाने के लिए टाप्
प्रत्यय का प्रयोग होता है।
2. प्रत्यय लगाने के बाद टाप् का आ ही शेष बचता है।
उदा. आचार्य + टाप् = आचार्या
(ध्यान रहे कि यह प्रत्यय केवल पुल्लिंग शब्दों के
बाद ही लगेगा)
3. शब्द के अन्त में अक आने पर वह इक में बदल जाता है।
यथा- बालक+टाप् = बालिका√, न कि बालका×

September 08, 2020 1:13 pm
Muskan siddiqui