चित्रवर्णनम्
संस्कृत में चित्रवर्णन एक महत्वपूर्ण विषय है,जो कक्षा आठ से प्रारंभ
हो जाता है। मैंने अपने शिक्षण में पाया कि यह एक ऐसा विषय है जिससे बच्चे बहुत
घबराते हैं और ज्यादातर विद्यार्थी इस विषय से जुड़े प्रश्न को करने की कोशिश ही
नहीं करते, लेकिन मुझे लगता
है कि अपने अंको को बढ़ाने के लिए यह सबसे अच्छा उप-विषय है। कुछ बारीकियों को
जानकर इसमें अच्छे अंक प्राप्त किए जा सकते हैं । आइए जानते हैं इन छोटी-छोटी
बातों को जो हमें चित्र वर्णन के समय ध्यान रखनी चाहिए -
1. चित्र को ध्यानपूर्वक देखना -
चित्र वर्णन में चित्र को ध्यान-पूर्वक देखना
बहुत जरूरी है। सबसे पहले चित्र में क्या
दर्शाया गया है , अर्थात चित्र किस
विषय को ध्यान में रखकर बनाया गया है, यह जानना बहुत जरूरी होता है । उसके पश्चात चित्र में
कौन-कौन से जीव-जंतु , वस्तु, स्थान, लोग है उन पर ध्यान देना
और पहचानना चाहिए।
2. मंजूषा की सहायता लेना -
चित्र वर्णन को आसान बनाने के लिए मंजूषा के
शब्दों की भलीभांति पहचान जरूरी है । एक बात यहां ध्यान देने योग्य है कि मंजूषा
में यदि आपको तीन कर्ता दिए हुए हैं तो आप उसके वचन में परिवर्तन करके 9 कर्ता बना सकते हैं
जैसे- बालक: शब्द दिया है तो हम चित्र के अनुसार उसके द्विवचन बालकौ और बहुवचन
बालका: का प्रयोग कर सकते हैं। यही काम हम मंजूषा में दी हुई क्रिया के साथ भी कर
सकते हैं, यदि क्रिया
द्विवचन की दी हुई है तो हम उसे अपने कर्ता के अनुसार 9 सब्जेक्ट के साथ जोड़
सकते हैं उसमें थोड़ा सा परिवर्तन करके। अंतत: प्रयोग किए जा सकने वाले शब्दो का
संकेत हमें मंजूषा में मिलता है।
3. छोटे-छोटे वाक्य बनाने का प्रयास करना -
चित्र वर्णन का मुख्य उद्देश्य होता है- वाक्य
रचना। वाक्य लघु अथवा दीर्घ हो, यह महत्वपूर्ण नही है। प्रत्येक बनाए गए वाक्य का एक अंक
उसके भाव का और एक अंक व्याकरण की शुद्धता के लिए होता है इसलिए वाक्य बनाते समय
क्लिष्टता ना दिखाकर छोटे-छोटे वाक्यों के माध्यम से प्रश्न को हल करना चाहिए।
जैसे - बालक: क्रीडति । यहां केवल कर्ता
और क्रिया के साथ ही वाक्य निर्माण किया गया है जो की सरल और व्याकरण की दृष्टि से
शुद्ध है।
4. व्याकरण -
वाक्य विशेषत:
(वर्तमान काल) लट् लकार, प्रथम पुरुष में बनाने चाहिए । यह लकार सबसे आसान होता है
और विद्यार्थियों को बड़ी सरलता से याद भी हो जाता है।
उपरोक्त चारो बिंदुओं पर ध्यान देकर कठिन
लगने वाले चित्र वर्णन को बहुत ही सरल एवं प्रभावी बनाया जा सकता है और बड़ी ही
सरलता से अंक प्राप्त किए जा सकते हैं।
यह लेख आपको कैसा लगा कमेंट बॉक्स में जरूर
बताएं।
किसी भी प्रकार के सुझाव या सलाह के लिए कांटेक्ट फॉर्म भरे।
धन्यवाद!

July 08, 2020 10:27 pm
बहु शोभनम्